जो टूटने से बच गया, वो टूटा हुआ ही था
सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजा, और रोहित का हाथ बटन दबाने के लिए लपका। आँखें मलते हुए उठा तो खिड़की के बाहर स्लेटी आसमान और हल्की फुहार देखकर...
सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजा, और रोहित का हाथ बटन दबाने के लिए लपका। आँखें मलते हुए उठा तो खिड़की के बाहर स्लेटी आसमान और हल्की फुहार देखकर...