2025

जो टूटने से बच गया, वो टूटा हुआ ही था

सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजा, और रोहित का हाथ बटन दबाने के लिए लपका। आँखें मलते हुए उठा तो खिड़की के बाहर स्लेटी आसमान और हल्की फुहार देखकर...

Mushaahid Raza 17 Dec, 2025